फ़िराक़ गोरखपुरी : शायर-ए-वक़्त

कुछ ख़ास लोग बहुत ज़ियादा ख़ास होते हैं वे दुनिया से जाने के लिए नहीं जाते, ऐसे ही लाफ़ानी लोगों में शुमार हैं रघुपति सहाय उर्फ़ फ़िराक़ गोरखपुरी –

आने वाली नस्लें तुम पर रश्क करेंगी हम असरों,
जब भी उनको ध्यान आएगा, तुमने फ़िराक़ को देखा है.

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